Kali Chalisa
काली चालीसा
About Kali Chalisa
Kali Chalisa — काली चालीसा — is a sacred 40-verse devotional hymn offered to Goddess Kali. Rooted in Traditional Chalisa Sangrah, this composition carries deep spiritual significance. Regular recitation is believed to destroy fear, negativity, and black magic effects, provide powerful protection against enemies and evil forces, and grant immense courage and inner strength. This prayer is traditionally recited on Tuesday (Mangalvar) and Saturday (Shanivar) and during Navratri, Kali Puja, and Diwali to invoke divine grace. With 42 verses and a reading time of about 15 minutes, this prayer is ideal for both daily worship and special occasions. On this page, you can read the complete Kali Chalisa in Devanagari Sanskrit with English transliteration, Hindi meaning (arth), and free PDF download for offline recitation.
Reviewed & translated by Acharya Pushyadant Mishra
Stotra Path (स्तोत्र पाठ)
॥ दोहा ॥
कालिका माता चरन रज, शीश धरत कर जोड़।
चालीसा कहूँ भक्ति से, करो कृपा अति होड़॥
महाकाली जगदम्ब तू, रक्तबीज संहार।
करो कृपा दासन पर, हरो भवन का भार॥
॥ चौपाई ॥
जय महाकाली जगदम्बे।
जय काली माँ सुखदायक अम्बे॥
श्यामा वरन विकराल स्वरूपा।
मुण्डमाला शिर अति अनूपा॥
लम्बी जिह्वा लाल बिराजे।
खप्पर खड्ग करन में साजे॥
शिव शरीर पर चरण तिहारे।
सकल दैत्य गण भय से हारे॥
रक्तबीज का रुधिर पीया।
महादैत्य का नाश किया॥
चामुण्डा रूप धरा विकरालू।
चण्ड मुण्ड का किया कबालू॥
शुम्भ निशुम्भ विनाश किया।
जगत को भय से मुक्ति दिया॥
दक्षिण काली रूप सुहावन।
शमशान भूमि निवास तुम्हारन॥
महाविद्या दस में प्रथम।
काली माता सर्वोत्तम॥
कालरात्रि नवदुर्गा रूपा।
सातवें दिन पूजा अनूपा॥
तन्त्र साधना की तुम स्वामी।
शक्ति पूजा की तुम अंतर्यामी॥
कालिका पुराण में बखानी।
महाशक्ति कालिका कल्याणी॥
कालीघाट में मंदिर भारी।
जहाँ बिराजे कालिका प्यारी॥
दक्षिणेश्वर का धाम सुहाना।
रामकृष्ण ने नाम पुकारा जाना॥
वामा खेपा ने सेवा कीन्हा।
माँ काली ने दर्शन दीन्हा॥
तारापीठ में रूप विराजे।
साधक जन मन मंगल साजे॥
बंगाल की माता तू कहलाई।
सकल शक्तिपीठ में समाई॥
नर बलि का अब नहीं विधाना।
भक्ति भाव से करो पुराणा॥
माँ काली से शक्ति पावे।
भक्त जनन को मुक्ति करावे॥
त्रिकाल दर्शिनी माता तू ही।
काल से काल मिटावे तू ही॥
भूत प्रेत पिशाच भगावे।
काली नाम जो कोई ध्यावे॥
शत्रु नाश करो महारानी।
सब विपत हरो कल्याणी॥
सकल मनोरथ पूरण कीजे।
भक्तन को अभय वर दीजे॥
नवरात्रि में पूजन होवे।
काली माता दर्शन जोवे॥
दीपावली काली पूजा रात।
बंगाल में मनाये जगजात॥
जो यह चालीसा नित गावे।
सो सब भय संकट मिटावे॥
काली माता के चरण में आवे।
सो परम पद निश्चय पावे॥
शक्ति प्राप्त हो शत्रु विनाशे।
काली कृपा से पाप प्रनाशे॥
चालीसा पढ़ विनय सुनावे।
माँ काली सब कष्ट मिटावे॥
॥ दोहा ॥
काली चालीसा पढ़े, भक्ति भाव मन धार।
सकल विपत का नाश हो, माँ करें भव पार॥
Benefits (फल)
- ★Provides powerful protection against enemies and evil forces
- ★Destroys fear, negativity, and black magic effects
- ★Grants immense courage and inner strength
- ★Removes obstacles caused by malefic planetary influences
- ★Special significance during Deepawali Kali Puja in Bengal
