Kali Sahasranama Stotram (Todala Tantra)
काली सहस्रनाम स्तोत्रम्
About Kali Sahasranama Stotram (Todala Tantra)
Kali Sahasranama Stotram (काली सहस्रनाम स्तोत्रम्) is a sacred recitation of 1000 divine names dedicated to Goddess Kali. Attributed to Mahakala Samhita, this prayer holds a special place in Hindu devotional literature. Chanting this stotra with devotion is said to provide victory and protection in great dangers as well as grant fulfillment of all desires (Sarvarthan-avapnuyat). Additionally, it is known to remove poverty and grant prosperity. This sacred text is ideally recited on Tuesday (Mangalvar) and Saturday (Shanivar) and during Kali Puja, Diwali, and Navratri for enhanced blessings. With 25 verses and a reading time of about 22 minutes, this prayer is ideal for both daily worship and special occasions. On this page, you can read the complete Kali Sahasranama Stotram in Devanagari Sanskrit with English transliteration, Hindi meaning (arth), and free PDF download for offline recitation.
Reviewed & translated by Acharya Pushyadant Mishra
Stotra Path (स्तोत्र पाठ)
॥ श्री काली सहस्रनाम स्तोत्रम् ॥
॥ ध्यानम् ॥
करालवदनां घोरां मुण्डमालाविभूषिताम्।
चतुर्भुजां खड्गहस्तां मुण्डहस्तां वरप्रदाम्॥
अभयां च महाकालीं ध्यायेत् श्मशानवासिनीम्।
दिगम्बरां महामायां रक्तासिक्तपयोधराम्॥
नीलवर्णां महाघोरां शवारूढां महेश्वरीम्।
लोलजिह्वां करालास्यां कालिकां प्रणमाम्यहम्॥
॥ स्तोत्रम् ॥
ॐ काली कपालिनी कान्ता कामिनी कालरूपिणी।
कलानिधिः कलावती कमला कमलालया॥ १॥
कालरात्रिः कुलेश्वरी कुलवती कुलवर्द्धिनी।
कुमारी कुण्डलिनी काम्या कामदा कामरूपिणी॥ २॥
क्रिया करुणा कान्तिः कीर्तिः कालिन्दी कुलजा।
कृपामयी कृतज्ञा च कृष्णा कृष्णप्रिया शुभा॥ ३॥
महाकाली महामाया महामारी मधुप्रिया।
महादेवी महालक्ष्मीर्महासिद्धिः महासुखा॥ ४॥
मातङ्गी मधुमती मेधा मानिनी मोहिनी मतिः।
मालिनी मन्त्ररूपा च मन्त्रसिद्धिः मनस्विनी॥ ५॥
चण्डी चामुण्डा चण्डिका चण्डमुण्डविनाशिनी।
चतुर्भुजा चतुर्वक्त्रा चक्रिणी चारुहासिनी॥ ६॥
तारा तारिणी त्राता तीव्रा तोतला तरुणी तथा।
त्रिलोचना त्रिशक्तिश्च त्रिपुरा त्रिपुरेश्वरी॥ ७॥
दक्षिणा दक्षिणाकाली दयामयी दरिद्रघ्नी।
दुर्गा दुर्गतिनाशिनी दमनी दैत्यनाशिनी॥ ८॥
भवानी भीमरूपा च भयहन्त्री भयङ्करी।
भूतेश्वरी भूतमाता भवतारिणी भैरवी॥ ९॥
भद्रकाली भगवती भुक्तिमुक्तिप्रदायिनी।
भ्रामरी भानुमती च भार्गवी भुवनेश्वरी॥ १०॥
शक्तिः शान्तिः शमा शान्ता शूलिनी श्यामला शिवा।
शवासना शवारूढा श्मशानवासिनी शुभा॥ ११॥
शोणिता शूरसेना च शतचण्डी शताक्षरी।
श्रीविद्या शाम्भवी शैली शरणागतवत्सला॥ १२॥
अन्नपूर्णा अपर्णा च अम्बा अम्बिका अकुलात्मिका।
अघोरा अद्भुतरूपा अनन्ता आदिदेवता॥ १३॥
सिद्धलक्ष्मीः सिद्धविद्या सिद्धमाता सरस्वती।
सर्वसिद्धिप्रदा सत्या सर्वमङ्गलमङ्गला॥ १४॥
रक्तवर्णा रक्तदन्ती रक्तासिक्तस्तनद्वया।
रणप्रिया रणोन्मत्ता रक्तबीजनिषूदिनी॥ १५॥
नारसिंही नागकन्या नित्या नारायणी नगा।
निर्गुणा निर्मला नन्दा निरञ्जना निराकुला॥ १६॥
वज्रेश्वरी वरारोहा वामा वागीश्वरी वधूः।
वैष्णवी विजया विन्ध्यवासिनी विश्वमोहिनी॥ १७॥
घोरा घोररवा घोरमुखी घनसमप्रभा।
गुह्यकाली गुह्यविद्या गुणत्रयविवर्जिता॥ १८॥
ज्वालामालिनी ज्वाला ज्योतिरूपा जगन्मयी।
जगद्धात्री जगन्माता जगदम्बा जयप्रदा॥ १९॥
डाकिनी योगिनी माता शाकिनी हाकिनी तथा।
लाकिनी राकिनी काकिनी सर्वशक्तिमयी परा॥ २०॥
परमा प्रकृतिश्चैव पराशक्तिः प्रकाशिनी।
पातालवासिनी पद्मा पारिजातवनस्थिता॥ २१॥
हृल्लेखा सर्वसम्पत्तिः सर्वभूतभयङ्करी।
सर्वभूतदमनी च सर्वभूतमहेश्वरी॥ २२॥
कालिकायाः सहस्रं तु नाम्नां स्तोत्रमिदं परम्।
यः पठेत् प्रयतो भूत्वा स सर्वार्थानवाप्नुयात्॥ २३॥
त्रिसन्ध्यं यः पठेन्नित्यं सर्वपापैः प्रमुच्यते।
महाभये महाघोरे दुःखे च दुरितेष्विह॥ २४॥
सर्वत्र जयमाप्नोति सर्वत्र विजयी भवेत्।
परं ब्रह्म परं धाम परमात्मानमाप्नुयात्॥ २५॥
॥ इति श्री महाकालसंहितान्तर्गते श्री काली सहस्रनाम स्तोत्रम् सम्पूर्णम् ॥
Benefits (फल)
- ★Contains the thousand divine names of Goddess Kali
- ★Grants fulfillment of all desires (Sarvarthan-avapnuyat)
- ★Destroys all sins when recited at three sandhyas
- ★Provides victory and protection in great dangers
- ★Leads to realization of Para Brahma (Supreme Reality)
- ★Includes names of all Dasha Mahavidya forms
- ★Removes poverty and grants prosperity
- ★Destroys fear and bestows fearlessness
