Griha Pravesh Mantras
गृह प्रवेश मन्त्र
About Griha Pravesh Mantras
Griha Pravesh Mantras (गृह प्रवेश मन्त्र) is a sacred prayer dedicated to Lord Ganesha. Rooted in Rig Veda, Grihya Sutras, Vastu Shastra, this composition carries deep spiritual significance. Devotees recite this prayer to include authentic Vedic Vastu Purusha mantra from Rig Veda 7.54.1 and shanti path ensures peace in all directions and dimensions of the new home. It is also said to contain havan mantras for the sacred fire ceremony during griha pravesh. The text contains 15 verses and takes around 12 minutes to recite, fitting conveniently into a daily spiritual routine. On this page, you can read the complete Griha Pravesh Mantras in Devanagari Sanskrit with English transliteration, Hindi meaning (arth), and free PDF download for offline recitation.
Reviewed & translated by Acharya Pushyadant Mishra
Stotra Path (स्तोत्र पाठ)
॥ श्री गृह प्रवेश मन्त्र संग्रह ॥
॥ गणेश वन्दना ॥
ॐ गं गणपतये नमः।
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
॥ वास्तु पुरुष मन्त्र ॥
ॐ वास्तोष्पते प्रति जानीह्यस्मान्
त्स्वावेशो अनमीवो भवा नः।
यत्त्वेमहे प्रति तन्नो जुषस्व
शं नो भव द्विपदे शं चतुष्पदे॥
(ऋग्वेद ७.५४.१)
हे वास्तुपुरुष! हमें पहचानो। तुम हमारे घर में निवास करो — रोगरहित और शान्तिमय। जो हम तुमसे मांगते हैं वह प्रदान करो। हमारे द्विपद (मनुष्य) और चतुष्पद (पशु) सबको मंगल हो।
॥ भूमि वन्दना मन्त्र ॥
ॐ भूमिर्धेनुर्धरणी लोकधारिणी।
उद्धृतासि वराहेण कृष्णेन शतबाहुना॥
ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता।
त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्॥
॥ द्वार पूजा मन्त्र ॥
ॐ द्वारं हिरण्मयं शुभं सदा पातु श्रियं मम।
लक्ष्मीर्यस्य गृहे तिष्ठेत् यत्र द्वारं सुशोभितम्॥
ॐ शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यं धनसम्पदम्।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥
(द्वार पर मंगल दीप जलायें, स्वस्तिक बनायें, आम के पत्तों की बन्दनवार लगायें)
॥ गृह प्रवेश मुख्य मन्त्र ॥
ॐ शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
॥ लक्ष्मी आवाहन ॥
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।
सर्वमंगलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
ॐ महालक्ष्मी च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि।
तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥
(गृह में लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति स्थापित करें, कलश स्थापना करें)
॥ नवग्रह शान्ति मन्त्र ॥
ॐ ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी
भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः
सर्वे ग्रहाः शान्तिकराः भवन्तु॥
॥ अग्नि प्रज्वलन / हवन मन्त्र ॥
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
ॐ अग्नये स्वाहा। इदमग्नये इदं न मम।
ॐ सोमाय स्वाहा। इदं सोमाय इदं न मम।
ॐ प्रजापतये स्वाहा। इदं प्रजापतये इदं न मम।
ॐ इन्द्राय स्वाहा। इदमिन्द्राय इदं न मम।
ॐ वास्तोष्पतये स्वाहा। इदं वास्तोष्पतये इदं न मम।
(प्रत्येक आहुति गायत्री मन्त्र और सम्बन्धित देव मन्त्र के साथ)
॥ शान्ति मन्त्र ॥
ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः
पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः।
वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः
सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
॥ गृह प्रवेश प्रार्थना ॥
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥
इस गृह में सदा सुख-शान्ति-समृद्धि रहे। गणेश-लक्ष्मी का वास हो। वास्तुदोष का निवारण हो। सर्व मंगल हो।
॥ इति श्री गृह प्रवेश मन्त्र संग्रह सम्पूर्ण ॥
Benefits (फल)
- ★Complete mantra collection for Griha Pravesh (housewarming) ceremony
- ★Includes authentic Vedic Vastu Purusha mantra from Rig Veda 7.54.1
- ★Removes vastu dosha and invites positive energies into the new home
- ★Invokes Ganesha for obstacle removal and Lakshmi for prosperity
- ★Contains havan mantras for the sacred fire ceremony during griha pravesh
- ★Shanti path ensures peace in all directions and dimensions of the new home
