Vivaha Mantras
विवाह मन्त्र
About Vivaha Mantras
Vivaha Mantras — विवाह मन्त्र — is a sacred prayer offered to Lord Agni. Attributed to Rig Veda, Grihya Sutras (Ashvalayana / Paraskara), this prayer holds a special place in Hindu devotional literature. Chanting this stotra with devotion is said to include Saptapadi (seven steps) — the most sacred part of Hindu marriage as well as dhruva-arundhati darshana ensures stability and fidelity in marriage. Additionally, it is known to agni is the divine witness — connects the couple to the eternal fire of dharma. Comprising 20 verses, it can be completed in approximately 15 minutes, making it suitable for daily devotional practice. On this page, you can read the complete Vivaha Mantras in Devanagari Sanskrit with English transliteration, Hindi meaning (arth), and free PDF download for offline recitation.
Reviewed & translated by Acharya Pushyadant Mishra
Stotra Path (स्तोत्र पाठ)
॥ श्री विवाह मन्त्र संग्रह ॥
॥ वैदिक विवाह पद्धति ॥
॥ गणेश वन्दना ॥
ॐ श्री गणेशाय नमः।
सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः।
लम्बोदरश्च विकटो विघ्ननाशो गणाधिपः॥
॥ संकल्प मन्त्र ॥
ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः।
श्रीमद्भगवतो महापुरुषस्य विष्णोराज्ञया प्रवर्तमानस्य...
अमुकगोत्रस्य अमुकशर्मणः कन्यादानं / पाणिग्रहणं अहं करिष्ये।
॥ कन्यादान मन्त्र ॥
ॐ कन्यां कनकसम्पन्नां कनकाभरणैर्युताम्।
दास्यामि विष्णवे तुभ्यं ब्रह्मलोकजिगीषया॥
विश्वम्भरः सर्वभूतः साक्षिण्यः सर्वदेवताः।
इमां कन्यां प्रदास्यामि पितॄणां तारणाय च॥
(कन्या का पिता वर के हाथ में कन्या का हाथ देता है — जल, अक्षत, पुष्प, दूर्वा सहित)
॥ मंगलसूत्र बन्धन मन्त्र ॥
ॐ मांगल्यं तन्तुनानेन मम जीवनहेतुना।
कण्ठे बध्नामि शुभगे सा जीव शरदः शतम्॥
इस मंगलसूत्र से मैं तुम्हारे कण्ठ में बाँधता हूँ — सौ वर्ष तक जीवित रहो, सौभाग्यवती रहो।
॥ सिन्दूरदान मन्त्र ॥
ॐ सुमंगली प्रतरस्य भूयासम्
सुपुत्रिणी सुभगा।
सिन्दूरं दास्यामि तुभ्यं
सौभाग्यं वर्धतां सदा॥
॥ अग्नि स्थापना मन्त्र ॥
ॐ भूर्भुवः स्वः। ॐ अग्नये नमः।
ॐ अग्निरिदं समिन्धे दीर्घायुत्वाय वर्चसे।
आयुष्मान्त्सं प्रजया सं पशुभिः सं रायस्पोषेण
सं सौभाग्येन॥
हे अग्नि देव! आप साक्षी बनें। दीर्घायु, तेज, सन्तान, धन-धान्य और सौभाग्य प्रदान करें।
॥ सप्तपदी मन्त्र (सात फेरे) ॥
प्रथम पदम् —
ॐ एकमिषे विष्णुस्त्वान्वेतु।
(अन्न के लिये — भगवान विष्णु तुम्हें ले चलें)
परस्पर अन्न-धान्य की कभी कमी न हो।
द्वितीय पदम् —
ॐ द्वे ऊर्जे विष्णुस्त्वान्वेतु।
(बल के लिये — विष्णु तुम्हारा अनुगमन करें)
परस्पर शारीरिक और मानसिक बल प्राप्त हो।
तृतीय पदम् —
ॐ त्रीणि व्रताय विष्णुस्त्वान्वेतु।
(व्रत-धर्म के लिये — विष्णु सहचरी बनें)
धर्म का पालन साथ मिलकर करें।
चतुर्थ पदम् —
ॐ चत्वारि मायोभवाय विष्णुस्त्वान्वेतु।
(सुख के लिये — विष्णु आनन्द दें)
गृहस्थ जीवन में सदा सुख और आनन्द रहे।
पञ्चम पदम् —
ॐ पञ्च पशुभ्यो विष्णुस्त्वान्वेतु।
(पशुधन-सम्पत्ति के लिये)
धन-सम्पत्ति और ऐश्वर्य की प्राप्ति हो।
षष्ठ पदम् —
ॐ षड् ऋतुभ्यो विष्णुस्त्वान्वेतु।
(ऋतुओं के लिये — विष्णु रक्षा करें)
सदा ऋतुचर्या और स्वास्थ्य बना रहे।
सप्तम पदम् —
ॐ सप्त सप्तभ्यो होत्राभ्यो विष्णुस्त्वान्वेतु।
(सप्त होत्र, मित्रता के लिये)
सखा भव! अब हम सात पद चले — मित्रता अटल हो गई।
सखा सप्तपदा भव। सखायौ सप्तपदा बभूव।
सख्यं ते गमेयम्। सख्यात् ते मायोषम्।
सख्यान्मे मायोष्ठाः॥
॥ ध्रुवदर्शन मन्त्र ॥
(वर वधू को ध्रुव तारा और अरुन्धती तारा दिखाता है)
ॐ ध्रुवमसि ध्रुवं त्वा पश्यामि ध्रुवेध मे।
ध्रुवां पोष्यां पतिं मे अरुन्धती देही॥
जैसे ध्रुव तारा अचल है, वैसे तुम्हारा सौभाग्य अचल रहे। अरुन्धती (वशिष्ठ पत्नी) के समान पतिव्रता और गृहस्थ धर्म में स्थिर रहो।
॥ आशीर्वाद मन्त्र ॥
ॐ सम्राज्ञी श्वशुरे भव, सम्राज्ञी श्वश्र्वां भव।
ननान्दरि सम्राज्ञी भव, सम्राज्ञी अधि देवृषु॥
(ऋग्वेद १०.८५.४६)
हे वधू! ससुर के घर में, सास के सामने, ननद और देवरों में — सर्वत्र साम्राज्ञी (गृहलक्ष्मी) बनो।
ॐ सह नौ भगः सह नौ यशः।
सह नौ भोजनं सह नौ ज्योतिः॥
॥ शान्ति पाठ ॥
ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु।
सह वीर्यं करवावहै।
तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
॥ इति श्री विवाह मन्त्र संग्रह सम्पूर्ण ॥
Benefits (फल)
- ★Complete collection of authentic Vedic wedding ceremony mantras
- ★Includes Saptapadi (seven steps) — the most sacred part of Hindu marriage
- ★Kanyadana, Mangalasutra, Sinduradana mantras with meaning for understanding the ritual
- ★Agni is the divine witness — connects the couple to the eternal fire of dharma
- ★Dhruva-Arundhati darshana ensures stability and fidelity in marriage
- ★Understanding these mantras deepens the spiritual significance of the wedding
